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AShri Gaurav Gogoi, MP and Spokesperson, AICC and Shri Oscar Fernandes, MP, addressed the media.

Created on Tuesday, February 07, 2017 12:00 AM

https://www.youtube.com/watch?v=CiPsmvTZd5U&feature=youtu.be

श्री गौरव गोगोई ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि  कल सबने भूकंप के झटके महसूस किए हैं। उसके बाद पता चला कि इसका केंद्र उत्तराखंड है। चिंता तब हुई कि कुछ वर्ष पहले उत्तराखंड में भूकंप आया था जिसकी वजह से अनेक लोगों की जान चली गई थी। वहाँ पर रहने वाले लोगों के प्रति हमारी शुभकामनाएं एवं प्रार्थना उनके साथ है।

 

आज जब प्रधानमंत्री जी ने अपने भाषण में उत्तराखंड के लोगों के संबंध में अपनी प्रार्थना व्यक्त की तो हम सबने भी उनका समर्थन किया लेकिन तुरंत ही उसके बाद भूकंप शब्द को लेकर जिस प्रकार उन्होंने एक अपनी आवाज में व्यंग का रुप लिया तो उस समय संसद में ना केवल कांग्रेस दल बल्कि दूसरे दल के नेता भी बहुत चिंतित हुए कि जहाँ पर हम एक तरफ उत्तराखंड के लोगों को याद कर रहे हैं, पलक झपकते ही एक गंभीर बात को PM ने एक व्यंग का रुप दे दिया। चलिए प्रधानमंत्री जी को अधिकार है कि वो अपने भाषण को व्यंग का रुप दें, लेकिन दुबारा यही दिखाई दिया कि जो प्रश्न राहुल गाँधी जी ने माननीय प्रधानमंत्री जी से किए थे, सहारा और बिरला कागजात को लेकर आज उसी बात पर प्रधानमंत्री जी दुबारा सबके सामने अपनी चुप्पी बरकरार रखी।

 

आज वक्त था कि सब्सटेंस पर आकर, सहारा-बिरला पर इस देश के सबसे सर्वश्रेष्ठ ऑफिस के प्रतिनिधि का जब नाम लिया जाए तो इस पद की गरिमा को बचाने के लिए आप अपनी बात रख सकते थे, बोल सकते थे। लेकिन उनको समझना पड़ेगा कि जब तक इस बात पर वो चुप हैं, तो लोगों के मन में प्रश्न कम नहीं होंगे। जब तक वो किसी प्रकार का ठोस कदम लेते हुए नहीं दिखाई देंगे, लोगों के मन में शंका दूर नहीं बल्कि और शक्तिशाली होगी। तो इस बात का उन्हें ध्यान रखना चाहिए।

 

दूसरी बात हमें लगता है कि बीच-बीच में कागजात आए हैं कि स्वतंत्रता की लड़ाई में देश के लोगों ने एकत्र होकर अंग्रेजों के साथ जंग लड़ी और विभिन्न जो संगठन थे उस समय के राजनीतिक संगठन में, उसमें से सर्वश्रेष्ठ नेतृत्व कांग्रेस दल ने दिया। तो कहीं उनके मन में शायद ये बात खटक रही होगी इसलिए अपने भाषण में एक बार फिर उन्होंने देशभक्तों का सम्मान करने की बजाए उन लोगों का अपमान किया जिन्होंने खासकर स्वतंत्रता की लड़ाई में अपनी कुर्बानी दी। क्या सच में आदरणीय प्रधानमंत्री जी दिखा सकते हैं कि कौन सा ऐसा रेजिल्यूशन, कौन सा ऐसा क्रांतिकारी आंदोलन संघ परिवार ने लिया है? आप तो इतिहास जानते हैं। कांग्रेस दल के रेजिल्यूशन देख लीजिए। कांग्रेस दल के आंदोलन के नाम उनको याद दिलाईए, संघ परिवार का कोई भी क्रांतिकारी या ऐतिहासिक रेजिल्यूशन आपको पता है? मुझे लगता है कि इतिहास को धीरे-धीरे बीजेपी तोड़-मरोड़ कर पेश करने की कोशिश कर रही है।

 

आज प्रधानमंत्री जी ने नोटबंदी को अपने कालेधन पर जो आंदोलन कर रहे हैं, उसमें जोड़ दिया। ठीक है, जोड़ना है, ये उनका अधिकार है। लेकिन अभी तक हमें ब्यौरा नहीं मिला कि जहाँ पर नोटबंदी से नुकसान हुआ है कि 125 लोग मर चुके हैं, कुछ आंकड़ों के अनुसार उससे ज्यादा लोग मर चुके हैं। जहाँ पर हमें पता है कि नोटबंदी से नुकसान हमारे GDP को हुआ है, 1 % GDP कम हो गई है। ग्रामीण क्षेत्र जो पिछले 2 वर्ष से सूखे के कारण ग्रस्त था, इस बार अच्छी बारीश होने के कारण, एक अच्छे भविष्य की तरफ देख रहा था, उसी पर इन्होंने नोटबंदी की स्ट्राईक कर दी। मनरेगा की मांग बढ़ गई है। जिन लोगों को इन्होंने 2 करोड़ नौकरियों के सपने दिखाए थे, आज वो युवा मनरेगा की लाईन में हैँ।

 

तो ये थे नोटबंदी के नुकसान। एक तरफ नुकसान, दूसरा, कितने कालेधन वाले पकड़े गए? कितने बड़े-बड़े लोगों को वही पीड़ा हुई जो मध्यम वर्ग के लोगों को हुई है? ये बता दें कि कितने ऐसे उद्योगपति हैं, जिनको मुश्किलें हुई हैं, इस पर इन्होंने कुछ नहीं बोला। तो आज प्रधानमंत्री जी के भाषण में दिखाई दिया कि कहीं वो पंजाब और गोवा के परिणाम से चिंतित हैं। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और सपा दल के बीच में जो गठबंधन हुआ है, उससे वो चिंतित हैं? वही चिंता आज उनके भाषण में दिखाई दी, जबकि वो व्यक्तिगत टिप्पणी पर आ गए। प्रधानमंत्री जी को देश के भविष्य के बारे में सोचना है। इस देश को उन्होंने ड़बल डोज ग्रोथ का सपना दिखाया था। अब ड़बल डोज ग्रोथ का क्या हुआ? यूपीए सरकार की जो अंतिम GDP थी 7.2 प्रतिशत उससे ही वो पीछे हट गए। इन्होंने जो सपना दिखाया था 2 करोड़ नौकरियों का आज उसके आंकड़े यूपीए सरकार के आंकड़ों से भी कम हैं। ये वक्त आत्मविशलेषण का है। इस सरकार को एक मौका मिला था कुछ कर दिखाने का, लेकिन आज ढाई साल हो गए हैं, ये मौका इनके हाथ से निकल रहा है।

 

प्रधानमंत्री जी को हम बताना चाहते हैं कि कालेधन और भ्रष्टाचार पर वो जो आंदोलन कर रहे हैं, वो आंदोलन इस सरकार के दौरान शुरु नहीं हुआ है। अगर वो संसद के रिकॉर्ड खुद ही देखें तो प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉड्रिंग एक्ट कब बनाया गया? बेनामी सपंत्ति कानून पर उन्होंने आज बात की। 2011 में ही हमने बेनामी ट्रांजेक्शन बिल इन्ट्रोड्यूस किया था और स्टेंडिग कमेटी को गया और लोकसभा को डॉयल्यूशन होने पर लैप्स हो गया। लेकिन प्रधानमंत्री जी की एक आदत है कि हर अच्छे काम का श्रेय वो खुद लेना चाहते हैं और जो आज उन्होंने कहा कि आज वो कांग्रेस दल के मैदान में खेल खेलना चाहते हैं। मुझे लगता है वो इसलिए है क्योंकि जो अपने मैदान में उन्होंने सपने दिखाए थे, उसमें से एक भी सपना वो पूरा नहीं कर पाए हैं। कृषक को 50 प्रतिशत मुनाफे का सपना, बुलेट ट्रेन, 15 लाख ऐसे विभिन्न सपने समाज को सपने दिखाए थे और ढाई साल हो गए, एक सपना भी साकार नहीं हुआ।

 

हमें लगता है कि प्रधानमंत्री जी को खुद अपना मूल्यांकन करना चाहिए कि उनके घोषणापत्र में उन्होंने क्या-क्या दिखाया और उस पर क्या हुआ है। साथ ही साथ आज सुबह हमने ये भी देखा कि हमारे जो आस-पास के पड़ोसी देश हैं उसमें चीन का प्रभाव बढ़ रहा है और इस पर हमें चिंता व्यक्त करनी चाहिए। एक अखबार में आया है कि नेपाल में चीन की FDI बढ़ गई है। नेपाल को हम अपना ऐतिहासिक संस्कृति के साथ मिलता-जुलता हुआ भारत का दोस्त समझते हैं। लेकिन जिस प्रकार से FDI के द्वारा चीन का प्रभाव बढ़ रहा है, वो चिंता का विषय है। इस पर केंन्द्रीय सरकार ने कहा है कि ये कोई बड़ी बात नहीं है। तो इसका हम विरोध करते हैं क्योंकि चीन FDI के द्वारा बड़े-बड़े प्रोजेक्ट के द्वारा विभिन्न देशों में अपना प्रभाव डालता है और जब भारत के पड़ोसी देश में ऐसा हो तो भारत सरकार को सतर्क रहना चाहिए।

 

Shri Gaurav Gogoi said that the prayers of Congress Party are with the people of Uttarakhand due to strong earthquake last night. Initially when PM expressed his sentiment; he mixed it with tint of humor and mockery. Many members of the house from various political parties felt that PM has hurt the dignity of Uttarakhand people who are suffering from earlier earthquake disaster and they must have felt humiliated.

PM remains silent on the subject that Shri Rahul Gandhi ji brought up in the last session about his name being found in the seized documents by Income tax department of GOI from offices of Sahara and Birla. He should come clear on it, if he has nothing to hide. He should be aware that the office he represents is the highest office in the country. So we felt here's the opportunity that PM could have used to set the records clean but n he chose otherwise.

 

Secondly he mentioned demonetization as a step taken in a series of steps against corruption. But if you look at the experience of demonetization it is nothing less than a disaster, more than 125 people have lost their lives, GDP has regressed to a point below what UPA Govt had achieved in its last year. The young people of India are looking for job cards under MGNREGA. And where is the benefit? How much black money has been unearthed? How many black money hoarders have been arrested? The pain of demonetization has been felt by marginalized people of the society and by the middle class too.  But not by those who are hoarding the black money. Still no condolence was offered by government to the people who have lost their near and dear ones.

 

Lastly, while referring to initiatives against black money the PM also referred to the Benami Property Act and spoke as if nothing has been done by the previous governments. The dignity of PM office should be preserved and not exploited to spread false propaganda. The Benami act in its previous avatar was introduced in 2011 and was sent to the standing committee but it lapsed in the previous Lok Sabha because of the opposition by BJP Leaders. UPA Govt had taken number of steps to unearth black money.


PM spoke of Income declaration scheme but original version was done in late 1990's and early 2000. PM used the opportunity merely for electoral purposes and obviously was concerned about the verdict of Punjab and Goa and of sweeping popularity that Cong- SP alliance is gaining in UP.

 

On another matter, Shri Gogoi drew attention to another issue concerning China's increasing influence in Nepal through its enhanced FDI investments. Nepal is long and historic friend of India and we should be utmost cautious when in our neighborhood China is using its economic might because every foreign policy is shaped to guide country's economic self-interest. So, when China is investing heavily in Nepal which is guided by china's own economic, political and strategic interest. We urge the government to be more alert than complacent.

 

PM also referred to freedom struggle and mocked contribution of many brave souls and citizens who contributed and lost their lives. Clearly perturbed by the fact that during the glorious period of Indian history Congress Party had taken the lead role and the RSS or the Sangh Pariwar had nothing to add as its contribution towards the freedom struggle. We remember many freedom movements, resolutions passed at Congress meetings but is there any one movement that Sangh Pariwar can take credit of? PM should not use his office to malign the memories of those who contributed to the freedom struggle. Congress Party had expected far more accountability from PM's speech today.

 

सहारा-बिरला डायरी पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में श्री गोगोई ने कहा कि कोर्ट के सामने बहुत केस आते हैं और बहुत केस में कोर्ट की राय होती है कि सुबूत नहीं हैं, जिसके बलबूते पर कोई निर्णय किया जाए। वो सुबूत इक्कट्ठे करने की जिम्मेदारी किसकी होती है? क्रिमिनल केस में पुलिस की होती है और जब आईटी का मामला हो तो आईटी और ईडी की है। लोगों के मन से शंका नहीं गई है, लोग आज भी सोशल मीडिया पर कागज देखते हैं और शंका किसके प्रति, एक सर्वश्रेष्ठ पद पर बैठे व्यक्ति के प्रति। हम कहना चाहते हैं कि प्रधानमंत्री जी साफ-साफ अपने मन की बात कहें।

 

प्रेसवार्ता के अंत में श्री उम्मेद सिंह को कांग्रेस पार्टी में शामिल करते हुए श्री ऑस्कर फर्नांडीस ने कहा कि आप सब उम्मेद सिंह जी को जानते हैं, इन्होंने लगातार 3 बार लोकसभा का चुनाव लड़ा है। अब ये BSP से अलग होकर कांग्रेस पार्टी में जुड़ना चाहते हैं। इसलिए कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गाँधी जी और कांग्रेस उपाध्यक्ष श्री राहुल गाँधी जी से विचार – विमर्श के बाद कांग्रेस पार्टी में इनका हम स्वागत करते हैं और उम्मीद करते हैं कि इनके आने से कांग्रेस पार्टी को यूपी में बल और सहयोग मिलेगा। इनके सारे समर्थक भी हमारे साथ हैं, जो ना केवल यूपी में बल्कि हरियाणा में भी हमारा सहयोग करेंगे। एक बार फिर हम इनका कांग्रेस पार्टी में स्वागत करते हैं।

 

श्री उम्मेद सिंह ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि मैं माननीय श्रीमती सोनिया गाँधी जी का, श्री राहुल गाँधी जी का और आप सबका धन्यवाद करता हूं जिन्होंने हमें ये मौका दिया और हम आपको विश्वास दिलाते हैं कि हमारा पूरा दल इस कोशिश में लगा रहेगा और कार्य करता रहेगा कि 2019 में श्री राहुल गाँधी जी ही देश को संभाले और देश का विकास करें, क्योंकि उनके हाथों में ही देश सुरक्षित रहेगा। एक बार फिर मैं आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं कि आप सबने मुझे ये मौका दिया।


 
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