| |

MEDIA

Press Releases

Shri Jyotiraditya Scindia, MP, Chief Whip, CPP (LS), former Union Minister and Spokesperson, AICC addressed the media.

Created on Friday, February 17, 2017 12:00 AM
https://www.youtube.com/watch?v=Ja_GPTsVv5M&feature=youtu.be


श्री ज्योर्तिदित्य सिंधिया ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि आज AICC की इस प्रेसगोष्ठी में देशव्यापक जो एक आतंरिक सुरक्षा का विषय है, पिछले कई महिनों से और विशेषकर पिछले 2 सालों से, एक चिंताजनक स्थिति उत्पन्न हुई है। उस पर एक नए पहलू की कवायद और शुरु हुई है। आंतरिक सुरक्षा एक ऐसा मामला है जिसपर कोई भी समझौता नहीं किया जा सकता। लेकिन जो खुलासा पिछले हफ्ते हुआ है कि मध्यप्रदेश के Anti Terror Squad (ATS) ने खुलासा किया है ISI के नेटवर्क के बारे में, जो भारत में चल रहा है खासकर मध्यप्रदेश में चल रहा है और इस खुलासे का जो ATS मध्यप्रदेश के चीफ संजीव शामी जी ने किया था। ये सूचना जम्मू-कश्मीर के आर.एस पुरा सैक्टर से मिली थी जब वहाँ गिरफ्तार दो आतंकवादियों ने खुलासा किया कि मध्यप्रदेश से ISI को खुफिया जानकारी भारत की आंतरिक सुरक्षा के बारे में मिल रही है।
 

Anti Terror Squad ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया था और उनसे अत्याधिक आधुनिक उपकरण मिले हैं- लैपटॉप मिला है, 50 मोबाईल फोन मिले हैं, 3000 सिम कार्ड मिले हैं, 50 सिम के बॉक्सिज मिले हैं और इसके जरिए इन देशद्रोहियों ने, इन जासूसों ने न केवल हमारे आर्मी इंस्टालेशन के फोटो लिए, उसके अलावा हमारे आर्मी ऑफिसर की जानकारी और मूवमेंट की ट्रैकिंग की है और ये तीनों सूचनाएं, आर्मी कैंप के फोटोग्राफ, आर्मी ऑफिसर की जानकारी, नाम-पता, हिस्ट्री, आर्मी के सभी मूवमेंट इस जासूसी नेटवर्क के आधार पर पाकिस्तान के ISI नेटवर्क को सारी सूचना इस जासूसों के नेटवर्क के द्वारा दिए गए हैं।
 

आश्चर्य की बात है कि जब इनको पकड़ा गया तो ये सूचना भी मिली कि ये सिस्टम अब देशव्यापक हो चुका है ISI का और 4 बड़े शहरों में कम से कम 30 टेलिफॉन एक्सचेंज हैं, ये जानकारी देने के लिए।
 

जहाँ एक तरफ ये बड़ी चिंताजनक स्थिति देश की आतंरिक सुरक्षा के विषय में है जो काफी हद तक बढ़ चुकी है, जिसे सदन के अंदर और बाहर हम लोग पिछले ढाई साल से उठा रहे हैं, वहीं इसका एक और बड़ा पहलू निकला है कि जहाँ देश की आंतरिक सुरक्षा पर गहरे सवाल उठे हैं, वहीँ इन राष्ट्रद्रोहियों के ताल्लूकात, रिश्ता देश के बड़े राजनीतिक दल, भारतीय जनता पार्टी के साथ है जिसमें ये लोग पूरी तरह से घुले-मिले हुए हैं। यह सर्वविदित है कि भारतीय जनता पार्टी विश्व की पहली राजनीतिक पार्टी है जिसके उपर एक ठप्पा लग चुका है कि यह एक ISI सर्टिफाईड़ पार्टी बन चुकी है और यही है बीजेपी का असली चेहरा, चरित्र और चलन।
 

कम से कम 3 शख्स इन 11 में से सीधे-सीधे तरीके से भारतीय जनता पार्टी के साथ जुड़े हैं। पहले शख्स का नाम है - ध्रुव सक्सेना, जिसको भोपाल से पकड़ा गया। ये भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चे के सदस्य रहे हैं और IT सैल के संयोजक भी हैं। बीजेपी के प्रांतीय अध्यक्ष इससे पल्ला झाड़ने की बहुत कोशिश कर रहे हैं लेकिन वास्तविकता ये है कि ये भारतीय जनता पार्टी का सदस्य है, संयोजक है IT सैल का। सूचना प्रायोद्गिक के जमाने में, सूचना तंत्र के आधार पर, मोबाईल टेक्नॉलिजी के आधार पर सारे सुबूत हमारे सामने हैं। इनके गहरे संबंध भारतीय जनता पार्टी के कई मंत्रियों के साथ रहा है, स्वयं मुख्यमंत्री के साथ इनका चित्र है। बीजेपी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के साथ इनका चित्र है और अपने क्षेत्र में ये जाने जाते हैं बीजेपी के कार्यकर्ता के रुप में। जब इनके माता-पिता के साथ चर्चा हुई तो स्वयं उन्होंने बड़े गर्व के साथ कहा कि हाँ हमारा परिवार का सदस्य बीजेपी का अहम कार्यकर्ता है।

 
दूसरे शख्स का नाम है- जीतेन सिंह। यह आरोपी ग्वालियर से पकड़ा गया है और यह भारतीय जनता पार्टी की पार्षद का नजदीकी रिश्तेदार है और उसका भी बीजेपी के अनेकों मंत्रियों और सदस्यों के साथ गहरा रिश्ता है।
 

तीसरा शख्स है- बलराम सिंह। बजरंग दल संस्था का यह सदस्य है और वह इस जासूसी नेटवर्क का मास्टरमाईंड है। सारा फंड फ्लो, राशी इन जासूसों को इस शख्स के द्वारा दी जाती थी। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों को भी राशी इस शख्स के द्वारा दी जाती थी और ISI के द्वारा स्थापित बैंक अकांउट से विदेशी मुद्रा भी इसी शख्स को दी जाती थी, जासूसों को देने के लिए। बलराम सिंह ने अनेक बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के नाम पर अनेक खाते खोले, जिसके आधार पर ISI की राशी इन जासूसों को दी जाती है।

 
चौथा शख्स है - आशिष सिंह राठौर, ये सतना के हैं और वी.एच.पी के कार्यकर्ता हैं। तथ्य आज जो सामने आए हैं कि वी.एच.पी ने इससे पल्ला झाड़ दिया है, लेकिन वास्तविकता यह है कि ये वी.एच.पी का कार्यकर्ता रहा है।
 

इस पूरे घटनाक्रम से 3 मुद्दे उभर कर आते हैं।

जो दल आज देश में राज कर रहा है। जो दल आलोचकों पर राष्ट्रियता का प्रश्न खड़ा करता है। जो दल राष्ट्रियता का प्रमाण पत्र व्यक्तियों को वितरित करता है, आज वही दल पकड़ा गया है देशद्रोहियों को पनाह देते हुए। इससे बड़ा मजाक हमारे देश की आंतरिक सुरक्षा के मामले में नहीं हो सकता। बजरंग दल जो राष्ट्रभक्ति के भाषण देता है, उसी दल का सदस्य खुफिया तंत्र का मास्टरमाईंड निकला है और सही मायने में जो "मुँह में राम कहते हैं और बगल में छुरी” रखते हैं, इसका सबसे बेहतरीन उदाहरण ये निकला है। जो बार-बार प्रादेशिक स्तर पर और राष्ट्रीय स्तर पर हम मुद्दा रखते हैं कि मध्यप्रदेश में जो आंतरिक सुरक्षा का मामला और जो सरकार की नाकामी रही है, वो आज सब देशवासियों के सामने हैं। 2013 में SIMI के एक्टिविस्ट खंडवा की जेल से छुटे थे। कुछ महिने पहले भोपाल की जेल से 8 SIMI के एक्टिविस्ट निकल कर भागे थे। प्रदेश सरकार पूरी तरह से नाकाम हो चुकी है। पूर्व आईजी जेल श्री जी.के अग्रवाल ने प्रदेश सरकार को लिखित पत्र में पूरी तरह से अवलोकन करने के लिए सारे मुद्दे रखे हैं कि किस तरह से प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा पूरी तरह से नाकाम हो चुकी है। लेकिन प्रदेश सरकार के कान पर जूं भी नहीं रेंगी। ISI का पूरा नेटवर्क इनकी नाक के नीचे चल रहा है और इनको इसके बारे में कोई सूचना नहीं है। तो ये सही होगा अगर हम कहें कि हमारी प्रदेश सरकार मध्यप्रदेश में शायद राम भरोसे ही चल रही है।
 

कुछ प्रश्न हम केंद्र सरकार से करना चाहते हैं।

पहला प्रश्न - कि क्या किसी राजनीतिक दल को अपने सदस्यों का बैकग्राऊंड चैक नहीं करना चाहिए और आज राष्ट्रद्रोही अगर किसी राजनीतिक दल के सदस्य पाए जाएं, तो क्या उस राजनीतिक दल के विरुद्ध भी कार्यवाही नहीं होनी चाहिए?
 

दूसरा प्रश्न - राष्ट्रस्तर पर ISI नेटवर्क के 500 से ज्यादा के कम्यूनिकेटर की सूचना हमारे देश की सरकार को मिली है। कानपुर में जो रेल हादसा हुआ, उसमें भी ISI का हाथ पाया गया है। उत्तर प्रदेश के एटीएस ने भी दिल्ली के पंजाबी बाग में छापा मारा था, जिसमें 11 लोग गिरफ्तार हुए हैं जो ISI का खुफिया एक्सचेंज चला रहे थे। क्या भाजपा का कोई ध्यान हमारे देश की सुरक्षा पर नहीं है?
 

तीसरा प्रश्न - क्या भाजपा केवल जुमलेबाजी में रहेगी और चुनावी प्रचार में रहेगी या देश की आतंरिक सुरक्षा की देखभाल भी कर पाएगी?
 

चौथा प्रश्न - इस मामले की तहकीकात और इस मामले की जांच, हमारी मांग है कि सीबीआई को हैंडऑवर किया जाना चाहिए और सुप्रीम कोर्ट मॉनिटर्ड ये प्रोब होना चाहिए। असलियत ये है कि आज देश की सुरक्षा को पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी ने कॉम्प्रोमाईज किया है और भारतीय जनता पार्टी के शासन में देश में दीमक लग चुका है, सब इनकी नाक के नीचे ही कार्य हो रहा है। जैसा कि हमने पहले भी कहा कि - "भाजपा के ढाई साल-पूरा देश बेहाल”।

 
मध्यप्रदेश सरकार को अपने गिरेबान में झांक कर देखना चाहिए कि जब इतना बड़ा नेटवर्क मध्यप्रदेश के अंदर चल रहा है ISI का, जब SIMI के एक्टिविस्ट बार-बार जेल से छुट रहे हैं, मध्यप्रदेश शासन में आतंरिक सुरक्षा का मामला पूरी तरह से मिट्टीपलीद हो चुका है।

 
गृह-मंत्रालय और IB है भी पूरी तरह से असफल रहा है। जैसी सूचना मिली है जिन लोगों को गिरफ्तार किय़ा है, 4 बड़े शहर हैं जहाँ 30 टेलिफॉन एक्सचेंज स्थापित है भारत के अंदर है। 12 फरवरी को गृहमंत्रालय का वेबसाईट हैक हो चुका है, ये इतिहास में पहली बार हुआ कि भारत के गृहमंत्रालय का वेबसाईट हैक हो गया, NSG का वेबसाईट हैक हो चुका है और उसमें भारत विरोधी कई वक्तव्य छापे गए हैं। तो प्रश्न ये है कि हमारी भारत सरकार कर क्या रही है? जब नई टेक्नॉलोजी के आधार पर आतंकवादी और राष्ट्रविरोधी तत्व भारत में स्थापित होकर हमारी सरकारी ऐजेंसियों को ही हैक कर रहे हैं, तो आज ये बड़ा प्रश्न देश के सामने है। यही मुद्दा हम पिछले ढाई साल से उठा रहे हैं कि घटनाएं हो रही हैं जम्मू-कश्मीर में, मध्यप्रदेश में खुफिया तंत्र पाया जा रहा है और यह सरकार रंगे हाथों पाए जा रही है कुम्भकरण की नींद सोते हुए।
 

बीजेपी और प्रधानमंत्री जी केवल जुमलों में अपनी बात रखना चाहते हैं। 4 फरवरी को मेरठ की सभा में और ये मामला राष्ट्रपति के अभिभाषण के समय में अपने वक्तव्य में उठाया था। मेरठ की सभा में उन्होंने कहा था सर्जिकल स्ट्राईक के बारे में कि सर्जिकल स्ट्राईक पाकिस्तान की धरती पर हुई, तो आज देश की जनता इस प्रश्न का जवाब चाहती है कि Pakistan Occupied Kashmir की धरती अब पाकिस्तान की धरती बन चुकी है? क्या भारत ने अपना अधिकार PoK की धरती पर पूरी तरह से अपने हाथों से निकाल दिया है? इन दोनों प्रश्नों का जवाब हमें प्रधानमंत्री जी के वक्तव्यों से नहीं मिला, संसद के पटल में। अनेक मुद्दों पर चर्चा की, लेकिन मेरे सीधे-साधे प्रश्नों का जवाब नहीं मिला। जुमलेबाजी और भाषणबाजी अलग होते हैं और जमीनी स्तर पर काम अलग होता है। सर्जिकल स्ट्राईक के बाद भी घुसपैठ पर, सीजफायर वॉयलेशन में सबसे ज्यादा वृद्धि हुई है। 37 प्रतिशत वृद्धि 2015 से 2016 में हुई है और खासकर उस सर्जिकल स्ट्राईक की तारीख के बाद, 455 सीजफायर वॉयलेशन हुए हैं। तो आज देश की सरकार को इन मुद्दों पर बीजेपी और प्रधानमंत्री जी को जवाब देना होगा।

 
Indian National Congress, 24, Akbar Road, New Delhi - 110011, INDIA Tel: 91-11-23019080 | Fax: 91-11-23017047 | Email : connect@inc.in © 2012–2013 All India Congress Committee. All Rights Reserved. Terms & Conditions | Privacy Policy | Sitemap