Hon'ble Congress President Shri Rahul Gandhi addressed the gathering at Relaunch of Navjivan and released a Commemorative issue to Mark 150 Years of Mahatma Gandhi’s birth anniversary at GMADA sports complex, Sec-78, Mohali (Punjab)

Hon'ble Congress President Shri Rahul Gandhi addressed the gathering at Relaunch of Navjivan and released a Commemorative issue to Mark 150 Years of Mahatma Gandhi’s birth anniversary at GMADA sports complex, Sec-78, Mohali (Punjab)




ALL INDIA CONGRESS COMMITTEE

24, AKBAR ROAD, NEW DELHI

COMMUNICATION DEPARTMENT


Highlights on CP Speech: 10 December, 2018


Congress President Shri Rahul Gandhi addressed the gathering at Relaunch of Navjivan and released a Commemorative issue to Mark 150 Years of Mahatma Gandhi’s birth anniversary at GMADA sports complex, Sec-78, Mohali (Punjab).


श्री राहुल गांधी ने कहा किडॉ. मनमोहन सिंह जी, मोतीलाल वोरा जी, आशा कुमारी जी, सुनील जाखड़ जी, हरीश चौधरी जी, जफर आगा जी, मृणाल पांडे जी, सोनल कालरा जी, भाईयों और बहनों, मीडिया के हमारे मित्रों ! 


जैसा भी आप हमारे बारे में लिखते हैं, आप हमारे मित्र ही हैं, आप हमारे दुश्मन कभी नहीं हो सकते हैं। डॉ. मनमोहन सिंह जी का इनट्रोडक्शन किया, आपने किया, जाखड़ जी ने किया- फक्रे सिख, फक्रे हिंद और मैं दोनों को थोड़ा करेक्ट करना चाहता हूं, add करना चाहता हूं, फक्रे संसार ! क्यों, डॉ. मनमोहन सिंह जी ने ह्यूमिलिटी –विनम्रता के साथ, रिस्पेक्ट के साथ, प्यार के साथ देश को चलाया है और मैं यहाँ से कह सकता हूं कि इंटरनेशनल स्टेज पर उन्होंने दुनिया के नेताओं को, प्रेजिडेंटस को, प्राईम मिनिस्टरस को काम करने का तरीका दिखाया। 


हिंदुस्तान बहुत बड़ा देश है, पॉवरफुल देश है, मगर जब हमारे पूर्व प्रधानमंत्री जाते थे, जब करोड़ों लोगों को रिप्रेजेंट करने जाते थे, चाहे वो छोटे से छोटे देश के प्रधानमंत्री से, राष्ट्रपति से बात कर रहे होते थे या दुनिया के सबसे पॉवरफुल देश के प्रधानमंत्री से, राष्ट्रपति से बात कर रहे होते थे, आदर से, रिस्पेक्ट से, ह्यूमिलिटी से काम करते थे और इन्होंने सिर्फ सिख कौम का नहीं, हिंदुस्तान का नहीं, पूरी दुनिया को इन्होंने दिखाया है कि लीडरशिप कैसे की जाती है! ह्यूमिलिटी के साथ, रिस्पेक्ट के साथ! 


तो आप भी सही हैं, आप भी सही हैं और इसमें मैंने थोड़ा सा अपना भी जोड़ दिया। 


प्रेस को, अखबार को, टाईगर कहा जा सकता है, शेर कहा जा सकता है, वो बड़े से बड़े लोगों को अपनी जगह दिखा सकता है। आपने बड़ा अच्छा उदाहरण दिया कि सऊदी अरब के एक जर्नलिस्ट की हत्या के बाद पूरी दुनिया में माहौल बन गया, लेकिन अगर अखबारों के जो मालिक हैं, उन पर सरकार की लिवरेज होती है, अगर उनके अलग-अलग बिजनेस पर लिवरेज होती है तो वही शेर पेपर टाईगर बन जाता है, उसमें कोई दम नहीं रहता, आवाज नहीं रहती और जो हमारे प्रेस के लोग यहाँ आए हैं, मैं इनसल्ट नहीं करना चाहता हूं, आपके बारे में नहीं कह रहा हैं, लेकिन अगर आज की प्रेस को देखें, फ्रंट पेज पर आपको शादियों के बारे में पढ़ने को मिलेगा, आपको क्रिकेट के बारे में, स्पोर्टस के बारे में, बॉलीवुड के गानों के बारे में पढ़ने को मिलेगा, मगर हिंदुस्तान में जो किसानों की हालत है, जो हिंदुस्तान में युवाओं की हालत है, भ्रष्टाचार के बारे में आपको अखबारों में पढ़ने को नहीं मिलेगा और ये सिर्फ नेशनल न्यूज पेपर की बात नहीं है, हर स्टेट में मीडिया को कैप्चर कर लिया गया है और मीडिया वही कहता है जो पॉवरफुल लोग सुनना चाहते हैं। ये शायद सिर्फ हिंदुस्तान में नहीं हो रहा है, पूरी दुनिया में हो रहा है और इसलिए नवजीवन जैसा अखबार बहुत जरुरी है। इंडिपेंडेंट होना चाहिए, दिल खोल कर आपको बोलना चाहिए, कभी-कभी हमें अच्छा ना लगे, कांग्रेस पार्टी को अच्छा ना लगे, वो भी ठीक है, हम आर.एस.एस. के लोग नहीं है, हम बीजेपी के लोग नहीं है। क्रिटिसिज्म से हम सीखते हैं, हम गलती कर सकते हैं, गलतियाँ करते हैं और हम क्रिटिसिज्म से सीखते हैं, तो हम चाहते हैं कि जब हम गलती करें, अखबार हमारे बारे में साफ लिखें कि हाँ, ये पॉलिसी गलत है, इससे नुकसान हो रहा है या ये पॉलिसी अच्छी है। 


आज हिंदुस्तान में मीडिया के लोगों को ड़राया, दबाया गया है और जो मुख्य मुद्दे हैं और आप देख लेना, चुनाव हुए हैं अभी, इसका संदेश हिंदुस्तान दे देगा, साफ दे देगा कि हिंदुस्तान में मुख्य मुद्दे क्या हैं। अखबार में आपको जो लिखना है लिख लीजिए, शादियों के बारे में लिखना है लिख दीजिए, मगर चुनाव में युवाओं के लिए रोजगार, किसानों का हक ये हिंदुस्तान के मुख्य मुद्दे हैं और अगर देश में गुस्सा बढ़ रहा है, आपने अभी मूवी में देखा कि देश में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। जरुर गुस्से को बीजेपी, आर.एस.एस. के लोग इस्तेमाल कर रहे हैं। मगर गुस्से का मुख्य कारण, गुस्से की नींव ये है कि आज हिंदुस्तान की सरकार हिंदुस्तान के युवा को रोजगार नहीं दे पा रही है और यही नरेन्द्र मोदी जी के सामने सैंट्रल चैलेंज है। 


मैं अपने भाषणों में कहता हूं कि चीन की सरकार 24 घंटे में 50,000 युवाओं को रोजगार देती है और हिंदुस्तान की सरकार, नरेन्द्र मोदी जी की सरकार 24 घंटे में केवल 450 युवाओं को रोजगार देती है और इससे हिंदुस्तान का काम नहीं चल सकता है। तो जरुर कांग्रेस पार्टी इंस्टीट्यूशनस को प्रोटेक्ट करने की लड़ाई लड़ रही है और लड़ेंगे, हम जीतेंगे। हम जरुर बीजेपी को चुनाव में हराएंगे, उनकी जगह दिखाएंगे, मगर उसके आगे जाना पड़ेगा। जो ये मुद्दे हैं, रोजगार का मुद्दा और किसानों का मुद्दा, इनको हल करना पड़ेगा। 


हिंदुस्तान में आज नरेन्द्र मोदी जी की सरकार किसान को लायबिलिटी मानती है, उनके विजन में हिंदुस्तान के किसान की कोई जरुरत नहीं। मेक इन इंडिय़ा से काम चल जाएगा, मगर पंजाब में मैं कहना चाहता हूं कि चाहे 21वीं सदी हो, 22वीं सदी हो, किसान के बिना ये देश कभी आगे नहीं जा सकता है और फूड सिक्योरिटी और किसान का जो भविष्य है, उसको सुरक्षित किए बना ये देश कहीं नहीं जा सकता है। ये शत-प्रतिशत सच्चाई है। तो इन रोजगार के लिए और किसानों के लिए कांग्रेस पार्टी की सरकारों और नेशनल लेवल पर जो हमारी सरकार आएगी, हमें नए तरीके से काम करना पड़ेगा, 21वीं सदी की स्ट्रैटेजी के साथ काम करना पड़ेगा और हम ये कर सकते हैं क्योंकि हम हिंदुस्तान की जनता की आवाज को सुनते हैं। 


जब हम बोलते हैं, आपने कहा कि राहुल जी को शक्ति दी जाए, नहीं, शक्ति जनता के पास है, राहुल जी को, कांग्रेस पार्टी के नेताओं को सिर्फ जनता के बीच में जाकर उनकी बात सुननी है, पूरी की पूरी शक्ति आ जाएगी। तो ये फर्क है हममें और आर.एस.एस. में। हम जनता की आवाज सुनते हैं और जनता जो हमें कहती है हम करते हैं और उससे जनता की शक्ति से हम देश को आगे ले जा सकते हैं। 


प्रधानमंत्री खड़े होते हैं, 15 अगस्त को भाषण देते हैं, मेरे आने से पहले हाथी सो रहा था, मेरे आने से पहले देश में कुछ नहीं हुआ। तो ये उनकी फिलोस्फी है और ये पूरा गुस्सा जो आ रहा है, ये इस फिलोस्फी के कारण आ रहा है, चाहे वो नरेन्द्र मोदी जी हों, चाहे वो आर.एस.एस. के लोग हों, वो सोचते हैं, जो हमारे दिल में है, हमारे दिमाग में है वो ही सही है, जो बाकी लोगों के दिल में है, जो बाकी लोगों के दिमाग में है, उसका कोई मतलब नहीं है। ये कांग्रेस और बीजेपी में फर्क है और यही सोच है नवजीवन के पीछे की - आप कांग्रेस पार्टी की आवाज मत उठाईए, आप कांग्रेस पार्टी को जनता की आवाज बताईए। जो जनता सोच रही है, जो जनता चाहती है, साफ तौर से आप उसके बारे में अखबार में लिखिए और कांग्रेस पार्टी के लोग आए हैं तो मैं ये कहना चाहता हूं कि ये अखबार आपका भी है, आपको इस अखबार को सपोर्ट करना पड़ेगा।

 

ये अखबार आपका भी हथियार है, कभी-कभी ये आपके बारे में भी बोलेगा, मगर इस अखबार को सक्सेसफुल बनाने के लिए आपका पूरा समर्थन चाहिए। जो हमारी एडिटोरियल टीम है और जो लोग नवजीवन में काम करेंगे, उनको मैं कहना चाहता हूं, आज हिंदुस्तान के सभी इंस्टीट्यूशन पर आक्रमण हो रहा है, सुप्रीम कोर्ट के जज आकर कहते हैं कि हमें काम नहीं करने दिया जा रहा है, कुछ दिन पहले आर्मी जनरल ने मोदी जी के बारे में कमेंट किया कि आर्मी को उन्होंने अपना पर्सनल एसेट बनाया है और राजनीतिक तौर पर आर्मी का इस्तेमाल करते हैं, चुनाव आयोग पर दबाव डाला जाता है, बीजेपी के मंत्रियों को दबाया जाता है, धमकाया जाता है, कमरों में बंद किया जाता है, तो हिंदुस्तान के हर इंस्टीट्यूशन पर आक्रमण हो रहा है और विपक्ष की पार्टियां और कांग्रेस पार्टी उस आक्रमण के खिलाफ खड़ी है और 2019 में हम बीजेपी को दिल्ली की सरकार से हटा कर ही रुकेंगे। 


ये बात गहराई से घुस गई है, जनता के बीच घुस गई है कि बीजेपी को - नरेन्द्र मोदी जी को दिल्ली से हटाना है। तो जब आप अपने आर्टिकल लिखेंगे, आप याद रखिए कि आप हिंदुस्तान के इंस्टीट्यूशन की रक्षा कर रहे हैं, सुप्रीम कोर्ट की रक्षा कर रहे हैं, चुनाव आयोग की रक्षा कर रहे हैं, कॉन्स्टिट्यूशन की रक्षा कर रहे हैं, क्योंकि अगर हिंदुस्तान यहाँ तक पहुंचा है तो इंस्टीट्यूशन के कारण पहुंचा है। तो आप एक हिस्टोरिकल काम कर रहे हैं, आप सिर्फ एक अखबार में नहीं लिख रहे हैं, ये हिंदुस्तान की मीडिया जो आज दबी हुई है, इसमें आप एक इंडिपेंडेंस वॉयस बनकर लिख रहे हैं तो मैं आपको बधाई देना चाहता हूं, आप डरो मत, आप अपना काम करो, जल्दी से जल्दी नरेन्द्र मोदी जी की सरकार को दिल्ली से हटाने जा रहे हैं। 


आप सबका दिल से धन्यवाद। 

नमस्कार, जयहिंद।       


Sd/-

(Vineet Punia)

Secretary

Communication Deptt. 

AICC