Hon'ble Congress President Shri Rahul Gandhi addresses media in Parliament on Rafale Deal Scam

Hon'ble Congress President Shri Rahul Gandhi addresses media in Parliament on Rafale Deal Scam





ALL INDIA CONGRESS COMMITTEE

24, AKBAR ROAD, NEW DELHI

COMMUNICATION DEPARTMENT


Highlights of the speech in the Parliament House: 04 January, 2019


Congress President Shri Rahul Gandhi spoke in the Parliament House.


श्री राहुल गांधी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि देश के युवाओंकिसानोंराफेल के भ्रष्टाचार मामले पर संसद में चर्चा हुई। 30,000 करोड़ रुपए प्रधानमंत्री जी ने अनिल अंबानी जी की कंपनी को दिलवाया। जब पार्लियामेंट हाउस में चर्चा हुई तो प्रधानमंत्री जी पार्लियामेंट हाउस में नहीं थेप्रधानमंत्री जी राफेल डिबेट से भाग गए। अरुण जेटली जी ने लंबा भाषण दियामुझे गाली दीमगर जो सवाल हैंउनका जवाब नहीं दिया। आज शायद रक्षा मंत्री जी बोलेंगीतो मैं दोहराना चाहता हूंप्यार से दोहराना चाहता हूं कि राफेल मामले पर 4-5 सवाल हैं।


पहला सवालहवाई जहाज के प्राईस को 526 करोड़ रुपए से 1611 करोड़ रुपए किसने बढ़ायाक्या एयरफोर्स के लोगों ने दाम बढ़ाया या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने दाम बढ़ाया?


दूसराएयरफोर्स को 126 हवाई जहाज चाहिए थे36 हवाई जहाज का कॉन्ट्रैक्ट ही क्यों तैयार किया गयाक्या एयरफोर्स ने 36 हवाई जहाज मांगे थे या एयरफोर्स ने 126 हवाई जहाज मांगे थे?


तीसरी बातअनिल अंबानी को कॉन्ट्रैक्ट किसने दिलवायाओलांद जी ने कहा है कि अनिल अंबानी को कॉन्ट्रैक्ट नरेन्द्र मोदी जी ने दिलवाया है।


दसॉल्ट कंपनी की इंटरनल ई-मेलस/कागजात में कहा गया है कि उनको ऑर्डर मिला था कि हिंदुस्तान की सरकार और प्रधानमंत्री ने कहा था कि अनिल अंबानी को कॉन्ट्रैक्ट दिया जाएगा।

ये प्रमुख सवाल हैं और हम चाहेंगेपूरा विपक्ष चाहेगा कि जब रक्षा मंत्री प्रधानमंत्री जी के बिहाफ (behalf) पर बोलेंगी तो इन सवालों का जवाब दिया जाए।


आखिरी बात और ये शायद मुख्य सवाल है कि ये क्या जो नई डील की गई36 एयरक्रॉफ्ट वालीइस डील पर हिंदुस्तान के एयरफोर्स के लोगों कोडिफेंस मिनिस्ट्री के लोगों को क्या कोई ऑब्जेक्शन थाहाँ या ना। मेरा मतलब है, क्या कहीं लिखा हैकिसी फाइल में लिखा है कि डिफेंस मिनिस्ट्री officials are objecting to the new deal? रक्षा मंत्री को हमें ये बताना है कि ऐसी कोई फाइल है या नहीं रक्षा मंत्री के पासजिसमें साफ लिखा है कि the negotiating team is objecting  to the new deal? ये सवाल हैं।


Shri Rahul Gandhi said- I want to address this to the youngsters and farmers of the country. There was a debate in the Parliament yesterday on the Rafale matter. The discussion is about a new contract that has been signed by the Government of India that the Prime Minister has personally signed. You noticed yesterday and day before that the Government simply refuses to answer the fundamental questions. Shri Arun Jaitley Ji gave a long one hour speech, had a long one hour abusive conversation and he did not answer the fundamental questions on Rafale. The Prime Minister, who is being accused in this matter, chose not to show up in the house, chose to run away from the house proceedings and he refused to not stay put in the Lok Sabha. Now today, Raksha Mantri is probably going to answer and with full respect as a member of the opposition, I have a couple of questions that India, the youngsters of India are asking from the Prime Minister of India. I would very respectfully ask the Raksha Mantri to answer these questions. What are the questions? 


Question no. 1. Who decided to increase the price of the Rafale aircraft from Rs. 526 crores to Rs. 1,611 crores? Whose decision was this? Was this the decision of the Air Force? Was it the Prime Minister’s decision? And there is clear cut answer. There is no confusion. Yes, it was the Prime Minister’s decision. 


Second question, who reduced the number of planes from 126 to 36? Who took this decision? Were the national security constraints considered when this decision was taken?


The third question, Anil Ambani made Rs. 30,000 crores from this deal. Who decided to give the contract to Mr. Anil Ambani’s company? Who decided to shut out HAL from the deal? The President of France has clearly stated that Shri Narendra Modi himself made it very clear to the President of France that the deal was only possible, if Anil Ambani’s company got the contract. So, we would like the Defence Minister to clearly state that Yes or No whether the Prime Minister push HAL out or whether the Defence Minister or the Defence Ministry pushed HAL out? 


The final question and the most important question- Did the Defence Ministry object to any element of this new deal? Did they question this deal? Are there documents with the Defence Ministry that show that they opposed this deal? She must clearly state, Yes or No whether there are no documents in the Defence Ministry that clearly state that the Defence Ministry officers were against the deal? That is the clear statement we want to hear from her. And if there were objections in the Defence Ministry and if there are file notings with objections in the Defence Ministry, then we want to know on what basis did the Prime Minister over rule those objections. 


So, these are the questions that we are looking forward to the Defence Minister to answer and I can clearly tell you that she will not be able to answer these questions. I hope she can answer these questions because I would be very happy if she can truthfully state the answer to these questions. But, I have my doubts. Let me say to youngsters of India, please, listen to the Defence Minister carefully because these are the five questions that are at the heart of the Rafale deal. These are the five questions that can answer as to why Mr. Anil Ambani’s company was given Rs. 30,000 crores. This is not Shri Narendra Modi’s money, this is not Anil Ambani’s money, this is your money and this is the money for your future. 


एक प्रश्न पर कि वित्त मंत्री अरुण जेटली जी ने कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी गलत सवाल पूछ रहे हैंक्या कहेंगेश्री गांधी ने कहा कि मैं गलत सवाल नहीं पूछ रहा, वो गलत जवाब दे रहे हैं। देश के युवाओंआप फैसला करो क्या राहुल गांधी गलत सवाल पूछ रहा है या सही?


526 करोड़ रुपए का जहाज अगर 1,611 करोड़ रुपए में खरीदा जाता है, तो क्या ये गलत सवाल है?


क्या ये गलत सवाल है कि HAL को परे करके अनिल अंबानी की कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट किस आधार पर दे दिया गया?


क्या ये गलत सवाल है कि  HAL 70 साल से हवाई जहाज बना रही है और हिंदुस्तान में इंडस्ट्री बननी चाहिए थी पर आपने फ्रांस में क्यों बना दी? ये गलत सवाल नहीं हैं।


अरुण जेटली जी को मुझे गाली देनी बंद कर सवालों के जवाब देने चाहिए। मैं प्यार से बोल रहा हूं। वो मुझे गाली देते हैं जितनी भी गाली हैं। दीजिए, जितनी गाली देनी हैमगर प्यार से मैं आपसे पूछ रहा हूंहिंदुस्तान के जो 4-5 सवाल हैंजो हमने डिफेंस मिनिस्ट्री के ऑब्जेक्शन की बात कीउसका आप जवाब दे दीजिए और फिर जितनी गाली देनी हैं, दे दीजिए।


On another question related to the JPC on Rafale deal, Shri Gandhi said- Yes, the fundamental question here is there should be a JPC. I would like to repeat again the Supreme Court has said that factual investigation in Rafale deal is not our jurisdiction. The Supreme Court has nowhere, in its judgment, said that an enquiry should not be held. 


So, we are asking for a JPC and let me tell you, if we come to power in 2019, there will be an investigation, there would be a criminal investigation and the people responsible will be punished.


संसद में राफेल घोटाले के मुद्दे पर चर्चा के बाद संसद भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री गांधी ने कहा कि अलग-अलग वो सवाल उठेजिनका रक्षा मंत्री ने जवाब नहीं दियाप्राइस का जवाब नहीं दिया126 जहाजों से कम करके 36 करने का जवाब नहीं दियाअनिल अंबानी का नाम दो घंटे नहीं लियाठीक है। मगर अंत में मैंने दो सवाल पूछे। मैंने जो सप्लीमेंट्री प्रश्न पूछेउसमें मैंने दो बातें बोलीउसमें एक प्रमुख बात थी और उसमें मैंने रक्षा मंत्री जी से कहा थाइसके बारे में आप हाँ या ना का जवाब दें और मेरा सवाल था - ये इतने लंबे नेगोसियेशन के बाद जिन लोगों ने ये नेगोसियेशन कियाएयरफोर्स चीफडिफेंस मिनिस्टरसेक्रेटरीजएयरफोर्स के अफसरजिन्होंने पूरा का पूरा नेगोसियेशन कियाजब प्रधानमंत्री जी ने बाईपास सर्जरी कीजो आपने अपने भाषण में माना कि हमने 36 हवाई जहाज खरीदने का नया कॉन्ट्रैक्ट शुरु किया है। तो मैंने उनसे पूछा था कि जब ये बाईपास सर्जरी हुई तो क्या एयरफोर्स के लोगों ने ऑब्जेक्शन किया? हाँ या ना। आपने देखा कि इस सवाल का जवाब देने की बजाए रक्षा मंत्री ने वहाँ ड्रामा शुरु कर दिया- मेरी बेइज्जती हुई हैमुझे झूठा बोला गया और ये देखिए देश के युवाओंआपको गुमराह करने का प्रयास है। सीधा सवाल है और उस प्रश्न का हाँ या ना जवाब दिए बिना रक्षा मंत्री भाग गईं। प्रधानमंत्री जी अंदर नहीं आ सकते हैं और गोवा में पूर्व रक्षा मंत्री बैठे हुए हैंकह रहे हैं मेरे पास फाइल हैंमैं प्रधानमंत्री जी को सीधा कर दूंगा।

 

ये सच्चाई है। ढाई घंटे का भाषण दिया हैना कोई जवाब दिया और जो करक्स (crux) था कि एयरफोर्स के नेगोसियेटर ने जो आठ साल काम कियाजिस कॉन्ट्रैक्ट को नरेन्द्र मोदी जी ने झट से दो मिनट में बदलाक्या उन्होंने ऑब्जेक्शन कियाहाँ या ना और मैंने ये नहीं बोला कि लंबा भाषण दोमैंने बोला बस ये बोल दो कि हाँ या नाभाग गईआपने देखाआपके सामने भाग गई।

 

 

Sd/-

(Vineet Punia)

Secretary

Communication Deptt. 

AICC