Media byte on RM Lies : Hon'ble Congress President Shri Rahul Gandhi's media byte and Highlights at Parliament House

Media byte on RM Lies : Hon'ble Congress President Shri Rahul Gandhi's media byte and Highlights at Parliament House



ALL INDIA CONGRESS COMMITTEE

24, AKBAR ROAD, NEW DELHI

COMMUNICATION DEPARTMENT


Highlights of the media byte: 07 January, 2019


Congress President Shri Rahul Gandhi addressed the media at Parliament House.


श्री राहुल गांधी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि रक्षा मंत्री जी ने संसद में ढाई घंटे का भाषण दिया। उन्होंने संसद में कहा था - इस सरकार ने HAL को एक लाख करोड़ रुपए दिए हैं। हमने उस बात को चैलेंज किया और आज उनकी स्टेटमेंट में उन्होंने कहा कि 26,570 करोड़ रुपए HAL को दिए गए हैं। मतलब निर्मला सीतारमन जी ने संसद में सीधा झूठ बोला। यहाँ पर उनकी स्टेटमेंट में लिखा है - Request for Proposals and cases that Technical Evaluation Committee... Technical Evaluation का मतलब पैसा देना नहीं होता है। तो ये जो उन्होंने 73,000 करोड़ दिया है, ये बिल्कुल बकवास है, बिल्कुल झूठ है और जो actual पैसा दिया गया है वो 26,570 करोड़ रुपया दिया गया है। तो ये रक्षा मंत्री ने साफ झूठ बोला है। 


दूसरे भी दो-तीन झूठ बोले हैं और मैंने उनसे एक सवाल पूछा, सिंपल सा सवाल है। मैं फिर से पूछता हूं, नरेन्द्र मोदी जी से और निर्मला सीतारमन जी से पूछता हूं - जब नरेन्द्र मोदी जी ने राफेल कॉन्ट्रैक्ट को रद्द करके बाईपास सर्जरी की थी और 126 की बजाए 36 हवाई जहाज का नया कॉन्ट्रैक्ट तैयार किया था, तो डिफेंस मिनिस्ट्री के सीनियर लोगों ने, एयरफोर्स के सीनियर लोगों ने नरेन्द्र मोदी जी के इंटरफेयरेंस पर ऑब्जेक्शन किया था? हाँ या ना? जब मैंने ये सवाल निर्मला सीतारमन जी से संसद में पूछा, उन्होंने बहुत लंबी बहाने की कहानी बताई कि मेरा मीडिल क्लॉस बैकग्राउंड है, वो भी झूठ था। मगर हाँ और ना का जवाब निर्मला सीतारमन जी ने नहीं दिया। मैं फिर से रिक्वेस्ट करता हूं निर्मला सीतारमन जी से, नरेन्द्र मोदी जी से, आप मेरे सवाल का जवाब दीजिए। जब आपने बाईपास सर्जरी की, 126 से 36 हवाई जहाज का कॉन्ट्रैक्ट बदला, क्या एयरफोर्स के सीनियर लोगों ने, डिफेंस मिनिस्ट्री के सीनियर लोगों ने आपके इंटरफेयरेंस पर ऑब्जेक्शन किया थाहाँ या ना? हम और कुछ नहीं मांग रहे हैं, हमें केवल आप एक शब्द में जवाब दे दीजिए - हाँ कह दीजिए या ना कह दीजिए।


आखिरी बात, निर्मला सीतारमन जी ने कहा कि वो HAL की मदद कर रहे हैं। छोटा सा सवाल है - दसॉल्ट कंपनी ने भारत को एक भी हवाई जहाज डिलिवर नहीं किया है, आज तक एक भी हवाई जहाज नहीं आया है। दसॉल्ट कंपनी को 20,000 करोड़ रुपए हिंदुस्तान की सरकार ने पेमेंट दे दिया है। HAL कंपनी हवाई जहाज डिलिवर कर चुकी है, हैलिकॉप्टर डिलिवर हो गए हैं और 15,700 करोड़ रुपए उनका पैसा आप उनको नहीं दे रहे हैं, उनका देय (due) है। अनिल अंबानी की सहयोगी विदेशी कंपनी को 20,000 करोड़ रुपए बिना एक हवाई जहाज बनाए आप दे देते हैं और पब्लिक सेक्टर कंपनी हैलिकॉप्टर बनाकर आपको दे दे, हवाई जहाज बनाकर आपको दे दे, आप उनका पैसा उनको नहीं दे रहे हैं? क्यों, क्या कारण है? इसका भी जवाब दे दीजिए? 


मुख्य मुद्दा, यहाँ मैं फिर से युवाओं को बताना चाहता हूं, ये आपका पैसा है, ये अनिल अंबानी का पैसा नहीं है और जो डिफेंस मिनिस्टर का ढाई घंटे का भाषण, उनको डिफेंस मिनिस्टर नहीं कहना चाहिए, उनको डिफेंस मिनिस्ट्री का स्पोक्सपर्सन कहना चाहिए, नरेन्द्र मोदी जी का प्रवक्ता कहना चाहिए। जो उन्होंने ढाई घंटे का भाषण दिया, उसमें उन्होंने दो-तीन चीजें नहीं कही। सबसे पहले उन्होंने मेरे सवाल का हाँ और ना में जवाब नहीं दिया। दूसरा, उन्होंने ये नहीं बताया कि 30,000 करोड़ रुपए अनिल अंबानी की कंपनी को किस आधार पर दिए गए और इन सवालों का जवाब अभी तक नहीं मिला है। 


भाईयों और बहनों आपने देखा कि देश के जो चौकीदार हैं, वो लोकसभा में नहीं आ सकते हैं। लोकसभा में आने से डरते हैं, राफेल के मुद्दे पर संसद में खड़े नहीं हो सकते हैं। अगर नरेन्द्र मोदी जी मेरे साथ डिबेट कर लें, मेरे साथ 15 मिनट बहस कर लें, नरेन्द्र मोदी जी के साथ मुझे 15 मिनट दे दो, 16 वां मिनट नहीं चाहता हूं, पूरे देश को समझ आ जाएगा राफेल में क्या है। नहीं आ सकते हैं वो, क्योंकि चौकीदार ने चोरी कराई है। 


एक प्रश्न पर के उत्तर में श्री गांधी ने कहा कि सबसे पहले निर्मला सीतारमन जी ने साफ झूठ बोला है, लोकसभा में साफ झूठ बोला है कि एक लाख करोड़ रुपए के ऑर्डर हमने HAL को दिए हैं, उन्हीं की स्टेटमेंट में आज वो कह रही हैं 26,570 करोड़ और उन्हीं की स्टेटमेंट में उन्होंने कहा है कि ये जो बाकी 73,000 करोड़ रुपए हैं, इनका Technically Evaluation हो रहा है, Technically Evaluation का मतलब पैसा नहीं होता है। तो साफ तौर से झूठ बोल रही हैं और वो तो डिस्ट्रैक्शन वाला झूठ था, वो तो देश की नजर को उधर करने का झूठ था। मुख्य जो उन्होंने झूठ बोला, जब मैंने हाँ और ना में सवाल पूछा, उन्होंने ड्रामा शुरु कर दिया, मुझे humiliate (अपमानित) किया, मैं मिडिल क्लास की हूं। सबसे पहले वो मिडिल क्लास  की नहीं है, मगर वो अलग बात है। हमारे सवाल हैं, उसका आप जवाब दीजिए और मैं ये नहीं कह रहा हूं कि दो पैराग्राफ का जवाब दो, मैं ये नहीं कह रहा हूं कि आप दो घंटे का भाषण दो, मैं सिर्फ कह रहा हूं, आप हाँ या ना बोल दीजिए। हमारे जो प्रेस के मित्र हैं, रक्षा मंत्री से पूछिए आप। 


मैं फिर से सवाल दोहराता हूं, युवाओं सुनो – नरेन्द्र मोदी जी ने राफेल कॉन्ट्रैक्ट को बाईपास किया है। 526 करोड़ रुपए प्रति हवाई जहाज की दर से 126 हवाई जहाज का कान्ट्रैक्ट था और नरेन्द्र मोदी जी ने उसे कैंसिल किया और नया कॉन्ट्रैक्ट तैयार किया, 1,611 करोड़ रुपए की दर से और 36 हवाई जहाज। रक्षा मंत्री जी ने खुद कहा कि मैंने नहीं किया। मतलब जो डिफेंस मिनिस्ट्री का जो सीनियर मोस्ट आदमी है, उसने कह दिया, मैंने नहीं किया, मतलब एक ही आदमी कर सकता है - नरेन्द्र मोदी। अब लोगों ने नेगोसियेशन किया, आठ साल, दस साल नेगोसियेशन चल रहा था, जिन लोगों ने नेगोसियेशन किया, उनको एतराज हुआ होगा कि प्रधानमंत्री जी ने ये कैसे कर दियाहमारा काम रद्द कर दिया। तो मेरा सिंपल सा सवाल है जब प्रधानमंत्री जी ने बाईपास सर्जरी की, उन लोगों ने जिन लोगों ने नेगोसियेशन किया था, एयरफोर्स के जो सीनियर ऑफिसर हैं, डिफेंस मिनिस्ट्री के जो ब्यूरोक्रेट्स हैं, क्या उन्होंने ऑब्जेक्शन किया था, क्या उन्होंने कहा था, Prime Minister should not do bypass surgery क्या उन्होंने कहा थानिर्मला सीतारमन जी, हाँ और नाकेवल एक शब्द में बताईए, हाँ और ना


To a question, Shri Rahul Gandhi said I have been to HAL; I have spoken to the people in HAL and you have seen publicly HAL employees are saying - we are being starved; we are being destroyed, why was it necessary to destroy HAL? You have to understand that because with a strong HAL, you simply cannot give that contract to anybody else. You have to undermine HAL which is what the Government is doing. They are saying that HAL can’t build anything but Anil Ambani can. Anil Ambani has never built anything in his life. He has never built aircraft in his life. HAL has built multiple - different types of aircrafts. So, the strategy of the Government is to  weaken HAL; don’t give them money, destroy India’s strategic capability and give  the gift to Anil Ambani. That is the plan and that is what we are trying to thwart. We are protecting the HAL and we are telling the people of this country, the youngsters of this country that we are not going to allow Rs. 30,000 crore of your money to be taken  away by Anil Ambani because he is Narendra Modi’s friend.        


Sd/-

(Vineet Punia)

Secretary

Communication Deptt.

AICC