Rafale scam: Hon'ble Congress President Shri Rahul Gandhi addressed the media at AICC Hdqrs.

Rafale scam: Hon'ble Congress President Shri Rahul Gandhi addressed the media at AICC Hdqrs.




ALL INDIA CONGRESS COMMITTEE

24, AKBAR ROAD, NEW DELHI

COMMUNICATION DEPARTMENT

 

Highlights of the CP Press Briefing: January,2018

 

Congress President Shri Rahul Gandhi and Shri Randeep Singh Surjewala, In-charge Communications Department, AICC addressed the media today at AICC Hdqrs.


श्री रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि राफेल के घोटाले और रहस्य की परतें खुलती जा रही हैं, चौकीदार चोर है, अब आपके सामने है। बगैर किसी विलंब के मैं आदरणीय कांग्रेस अध्यक्ष श्री राहुल गांधी से अनुरोध करुंगा कि वो उस कड़ी का अगला रहस्य आपको बताएं। 


श्री राहुल गांधी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि Happy New Year, I would like to welcome all of you! and in this New Year thank you for doing your job so well under trying circumstances. Did you get the chance to hear the audio tape? No! you didn’t hear it? You heard it nicely, would you like to play it again. Would you like that? You are aware, what is in the audio tape. The Audio tape is a recording of a Health Minister in the Goa Government and he is stating clearly, साफ बोल रहे हैं कि पर्रिकर जी ने कैबिनेट मीटिंग में बोला कि मेरे पास राफेल की फाइल हैं, पूरा का पूरा इनफोर्मेशन है और मुझे कोई डिस्टर्ब नहीं कर सकता है क्योंकि ये मेरे हाथ में है By the way, there might be other tapes of this nature as well. This might not be the only tape. The entire Cabinet heard, what Mr. Parrikar said and essentially what Mr. Parrikar is doing he is threatening the Prime Minister of India, because he has information about the Rafale deal. We have been raisingकाफी समय से हम इस मुद्दे को उठा रहे हैं। आज रणदीप जी ने एक टेप प्ले की, उसमें गोवा के मंत्री कहते हैं कि मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मीटिंग में बोला कि उनके पास राफेल की पूरी की पूरी इन्फोर्मेशन है, उनके पास राफेल की फाइल है और एक प्रकार से उन्होंने गोवा की कैबिनेट मीटिंग में हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री को धमकी दी, ये रणदीप जी ने आपको आज दिखाया। सवाल ये है कि पर्रिकर जी के बेडरुम में क्या इनफोर्मेशन है, क्या फाइलें हैं और इसका इम्पैक्ट नरेन्द्र मोदी जी पर क्या हैतो ये एक मुख्य बात है। 


Should we go to Arun Jaitley Ji’s Speech now, अब अपने भाषण में जेटली जी ने बोला कि 1600 करोड़ रुपए का नंबर कहाँ से आता है, कि कांग्रेस पार्टी 1600 करोड़ रुपए की बात करती है, पर एयरक्रॉफ्ट हर जहाज के लिए, तो ये नंबर कांग्रेस पार्टी कहाँ से ला रही है, ये आपने सुना होगा, सुनाअब हम आपको दिखाते हैं, कहाँ से आ रहा है। 


क्लिप 1- श्री जेटली ने संसद में दिए भाषण में कहा - कितने होंगे ऑफसेट, 58,000 करोड़ रुपए का पूरा डील है, ऑफेसट हुए 29,000 के, अगले दस साल तक।    

 

अब इन्होंने स्वयं कहा कि 58,000 करोड़ रुपए की डील है, राहुल गांधी ने नहीं कहा, कांग्रेस पार्टी ने नहीं कहा, अरुण जेटली जी ने अपने संसद के भाषण में कहा, 58,000 को आप 36 से डिवाईड कीजिए, क्या नंबर आता है1600, तो अरुण जेटली जी हमें 1600 नंबर आपने दिया है, अपने भाषण में। आपने देश को अपने लोकसभा के भाषण में बोला कि 58,000 करोड़ की डील है, अभी आपने वीडियो क्लिप देखी और उसी नंबर को आप 36 से डिवाईड कीजिए, 1600 करोड़ आता है। तो ये हमारा नंबर नहीं है अरुण जेटली जी, ये आपका नंबर है। 


क्लिप दो – श्री जेटली ने संसद में दिए भाषण में कहा - 6 लोगों ने बिड दी, दो लोगों की बिड टैक्निकली सुटेबल पाई गई। दसॉल्ट की जो राफेल बनाते हैं और यूरो फाईटर की। ये सब इनके कार्यकाल में हो रहा था, उसके बाद उनकी प्राईस बिड दोनों की खोली गई, प्राईस बिड खोलने के बाद जो L-1 जो था वो राफेल को पाया गया।  


अब देखिए, दूसरा सवाल - 526 करोड़ का नंबर कहाँ से आया, ये भी उन्होंने सवाल पूछा था। जेटली जी 526 करोड़ का भी आपने ही जवाब दिया। मोदी जी जहाँ भी जाते हैं, जेटली जी जहाँ भी जाते हैं, कहते हैं यूपीए के समय कुछ नहीं हुआ। आपने अपने भाषण में साफ कह दिया कि बिड की गई थी, L-1 था, L-2 था और राफेल को बिड मिली और इसी बिड़ में 526 करोड़ का नंबर आता है, उसी बिड से 526 करोड़ का नंबर आता है। 


तो सवाल ये है कि ये जो दाम बदला गया है, 526 करोड़ से 1,600 करोड़ रुपए जो पूरी सरकार ने कहा, हवाई जहाज का दाम हम नहीं बता सकते हैं, आपके सामने अरुण जेटली जी दाम बता रहे हैं। आपके सामने अरुण जेटली जी कह रहे हैं 1,600 करोड़ रुपए का एक हवाई जहाज हमने खरीदा है। तो ये जो दाम इनफ्लेट किया गया है, 526 से 1,600 करोड़ रुपए, ये किसने कियाये कैसे हुआ और हमारा मुख्य सवाल है कि जब आपने 526 से 1,600 करोड़ का इनफ्लेशन किया तो क्या एयरफोर्स ने डिसअप्रूव किया थाएयरफोर्स ने क्या ऑब्जेक्शन किया थापूर्व डिफेंस मिनिस्टर साफ इंडिकेशन दे रहे हैं और उन्होंने पब्लिकली कहा है कि मुझे नई डील के बारे में कुछ नहीं मालूम। अब डॉयरेक्टली कैबिनेट मीटिंग में कहते हैं कि मेरे पास पूरा का पूरा माल पड़ा हुआ है, बेडरुम में। तो नरेन्द्र मोदी जी ने प्रोसिजर बदला, एयरफोर्स ने ऑब्जेक्ट किया, तब भी नरेन्द्र मोदी जी ने हवाई जहाज का दाम 526 से 1,600 करोड़ रुपए बनाया। ओलांद जी को नरेन्द्र मोदी जी ने सीधा बताया कि देखिए HAL को आप परे कीजिए, अनिल अंबानी जिसको अब संसद में नया नाम दिया गया है, डबल AA को आप कॉन्ट्रैक्ट देंगे और हवाई जहाज फ्रांस में बनेगा, हिंदुस्तान में इसको बनाने की कोई जरुरत नहीं है। सच्चाई को छुपाया नहीं जा सकता है, आप देखिए, जितनी भी ये सच्चाई को छुपाने की कोशिश करते हैं, कहीं ना कहीं नई चीज, नई सच्चाई निकलती है। प्राईस सिक्रेट पैक्ट है, मेक्रों जी कहते हैं नहीं सिक्रेट पैक्ट नहीं है। अनिल अंबानी को दसॉल्ट ने चूज किया, ओलांद जी कहते हैं, नहीं दसॉल्ट ने चूज नहीं किया, प्रधानमंत्री जी ने चूज किया। जेटली जी अपने भाषण में कहते हैं 1600 करोड़ का नंबर कहाँ से आया, इस भाषण में उन्होंने जवाब दे दिया। 1600 करोड़ का नंबर कहाँ से आया। 526 करोड़ का नंबर कहाँ से आ रहा है, उसका जवाब भी उन्होंने यहाँ भाषण में दे दिया। 


तो युवाओं और हिंदुस्तान के किसानों, आपसे साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए चोरी करके हिंदुस्तान के सबसे अमीर लोगों का कर्जा माफ किया है, युवाओं से रोजगार छीना जाता है,  हवाई जहाज फ्रांस में बनाया जाता है, अनिल अंबानी पर 45,000 करोड़ रुपए का कर्जा है, उसको 30,000 करोड़ रुपए का फायदा नरेन्द्र मोदी जी ने पर्सनली दिलवाया है। संसद में राफेल की चर्चा हो रही है, डिफेंस मिनिस्टर नहीं खड़ी हो सकती, प्रधानमंत्री नहीं खड़े हो सकते, डिसिजन मेकर, जिसने फैसला लिया है, जो धूम धाम के साथ फ्रांस गए, बैंड बाजे के साथ फैसला लिया, वो खड़ा नहीं हो सकता है। मगर अरुण जेटली जी प्रधनमंत्री को और उनके एक्शन को डिफेंड कर रहे हैं और बिल्कुल खोखला है। देश को सच्चाई मालूम है, देश जानता है और समझता है कि नरेन्द्र मोदी जी ने 30,000 करोड़ रुपए अपने मित्र को दिए, 126 हवाई जहाज चाहिए थे, 126 हवाई जहाज की जरुरत थी, देश जानता है कि नरेन्द्र मोदी जी ने कॉन्ट्रैक्ट बदला, 36 हवाई जहाज का नया कॉन्ट्रैक्ट तैयार किया। ये देश जानता है और नरेन्द्र मोदी जी छुप नहीं सकते हैं। डिबेट के समय जरुर वो दौड़ कर घर जा सकते हैं या सामने नहीं आ सकते हैं, मगर सच्चाई कहीं नहीं जाने वाली है। सच्चाई, सच्चाई होती है। 


एक आखिरी बात, अरुण जेटली जी ने एक और बात उठाई, उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को, राहुल गांधी को फुली लोडेड एयरक्राफ्ट और बेएर शैल एयरक्रॉफ्ट के बीच में फर्क समझ नहीं आता है। तो ये जो असली RFP है, 2007 में जो इशू (issue) हुआ था, उसकी एक कॉपी है, उसको आप देख लीजिए। इसमें हाईलाईट कर रखा है, RFP में क्या लिखा था। 


It is essential that the direct fly away Aircraft be delivered with a full complement of weapons and the weapon pack; should be integral to the flyway Aircraft. The weapons capability requirement is placed at annexure 4 to at appendix A. The total quantity of weapons to be procured is indicated an annexure 1 to appendix F. In addition to weapons, launchers and pylons would have to be provided. The requirement for launchers is tabulated below. यहाँ पर पूरी लिस्ट दे रखी है। Radar warning receiver (RWR), Missile Approach Warning System (MAWS), internal ECM System, Counter Measure Dispenser System (CMDS), Laser Warning Receiver (LWR), Towed Decoy capabilityये सब लिस्ट दे रखी है कि इस राफेल हवाई जहाज में क्या एडिशनल इक्विपमेंट होने चाहिए। हम इसको आसमान से नहीं निकाल रहे हैं। ये RFP के कागजात हैं, 28 अगस्त, 2007, जिसके आधार पर पूरा का पूरा कान्ट्रैक्ट बना है। तो अरुण जेटली जी की आदत है कि वो एक के बाद एक, एक के बाद एक झूठी बातें करते रहते हैं। सच्चाई है कि यहाँ पर राफेल मामले में 30,000 करोड़ रुपए अनिल अंबानी जी को दिया गया है। चौकीदार चोर है। 


To a question that if the Congress Party comes to power in 2019, will the Congress Party cancel the Rafale deal, Shri Rahul Gandhi said the question is that the Prime Minister is involved in corruption. We are asking for a JPC. We are saying, let us not believe what the BJP is saying, and let us not believe what the Congress Party is saying. Let us have a JPC, let us have the discussion in the JPC and let us see what comes out. Okay. We are very confident that the moment JPC is there, there will be two people whose names will come up - one will be Anil Ambani and the second will be Narendra Modi. The capability of the aircraft, the quality of the aircraft is not a question here. We are very clear that the Rafale aircraft is a good aircraft and we are not questioning whether it is a deficient aircraft. The thing that is being questioned here is that the Prime Minister himself has changed the contract, developed the new contract and helped his friend Anil Ambani steal from the Indian exchequer. 


एक प्रश्न पर कि अगर 2019 में कांग्रेस की सरकार आती है तो क्या आप राफेल सौदे की जांच कराएंगे, श्री गांधी ने कहा कि 100 प्रतिशत जांच कराएंगे और जांच बिल्कुल साफ है। इसमें टोटल प्रोसिजर की धज्जियाँ उड़ाई गई हैं और ये सब लोग जानते हैं, सरकार में लोग इसको समझते हैं, पूरी ब्यूरोक्रेसी समझती है कि प्रोसिजर की धज्जियाँ उड़ा दी गई हैं और ऑफसेट कॉन्ट्रैक्ट अनिल अंबानी को सीधा पकड़ा दिया है, 10 दिन पहले कंपनी खुलवाई और उसकी जेब में 30,000 करोड रुपए डलवाए, HAL को परे किया और ये सब लोग जानते हैं और ये सच्चाई सामने आएगी। आपने कल प्रधानमंत्री का इंटरव्यू देखा, डेढ़ घंटा, मूड कैसा था


एक अन्य प्रश्न के उत्तर में श्री गांधी ने कहा कि मुझे उसमें एक चीज बड़ी दिलचस्प लगी कि प्रधानमंत्री ने कहा कि राफेल मामले पर मेरे ऊपर कोई सवाल नहीं पूछ रहा है। मतलब पता नहीं कौन सी दुनिया में हैं प्रधानमंत्री जी, नरेन्द्र मोदी जी आपके बारे में ही सवाल पूछा जा रहा है और आपसे सवाल किया जा रहा है, जनता पूछ रही है कि 30,000 करोड़ रुपए आपने अनिल अंबानी को क्यों दिएतो बड़ा दिलचस्प लगा मुझे कि प्रधानमंत्री जी सोचते हैं कि किसी और के बारे में सवाल पूछे जा रहे हैं। 


एक अन्य प्रश्न पर कि क्या नरेन्द्र मोदी जी को इन सबका जवाब देना चाहिए, श्री गांधी ने कहा कि नरेन्द्र मोदी जी को जवाब देना चाहिए और मैं आपको बता देता हूं, कौन से सवालों के जवाब देने चाहिए। 


पहला सवाल, क्या डिफेंस मिनिस्ट्री ने नए कॉन्ट्रैक्ट के बारे में कोई ऑब्जेक्शन दी, हाँ या ना


दूसरा सवाल, जो हवाई जहाज का दाम 526 करोड़ रुपए से 1,600 करोड़ रुपए तक बढ़ा है, वो किसका फैसला थाक्या वो नरेन्द्र मोदी जी का निर्णय था या फिर वो इंडियन एयरफोर्स का फैसला था और अगर एयरफोर्स का फैसला नहीं था तो क्या एयरफोर्स ने प्राईस बढ़ाने के बारे में अपना ऑब्जेक्शन दर्ज किया, हाँ या ना


तीसरा सवाल, अनिल अंबानी ने जिंदगी भर हवाई जहाज नहीं बनाया है, आप सरप्राईज लग रही हैं! जिंदगी भर उन्होंने हवाई जहाज नहीं बनाया है, HAL 70 साल से हवाई जहाज बना रही है, मिग हवाई जहाज, सुखोई हवाई जहाज, मिराज हवाई जहाज, तो बहुत एक्सपिरियंस है HAL के पास, इसके बावजूद HAL को परे करने का किसका फैसला था? 


सबसे जरुरी सवाल जो हवाई जहाज हिंदुस्तान में बनना था, मेक इन इंडिया के तहत जिससे शायद हिंदुस्तान की एयरफोर्स स्ट्रैटेजिक कैपेबिलिटी बढ़ती, हिंदुस्तान की मैन्यूफैक्टरिंग कैपेबिलिटी बढ़ती, वो निर्णय क्या एयरफोर्स ने लिया या नरेन्द्र मोदी जी ने स्वयं लिया


एक और सवाल ओलांद जी ने जो नरेन्द्र मोदी जी की और उनकी मीटिंग के बारे में बोला कि नरेन्द्र मोदी जी ने स्वयं मुझे बताया कि HAL को परे करना है और अनिल अंबानी को कॉन्ट्रैक्ट देना है, जिसके ऊपर 45,000 करोड़ रुपए का कर्जा है, भाईयों और बहनों। क्या ओलांद जी झूठ बोल रहे थे या उन्होंने सच बोला


ये सवाल हैं प्रधानमंत्री जी के सामने और कोई भी वो भाषण दें, तो इन सवालों के जवाब देश सुनना चाहता है। मैं ये भी कहना चाहता हूं, मैं चाहता हूं कि नरेन्द्र मोदी जी सक्सेसफुली इन सवालों के जवाब दें। क्योंकि हम सिर्फ सच्चाई ढूंढ रहे हैं और अगर नरेन्द्र मोदी जी इन सवालों के जवाब क्रेडिबिलिटी के साथ दें दे तो अच्छी बात है।  


श्री अरुण जेटली जी द्वारा राफेल के दाम को लेकर लगाए आरोप से संबंधित एक प्रश्न के उत्तर में श्री गांधी ने कहा कि आता है समझ में? वो आपको मतलब लगता है कुछ न कुछ हुआ है यहाँ पर। सहमत हूँ- सहमत हूँआपके साथ सहमत हूँI agree with you. नहींये तो आप मतलब मुझे एम्यूनेशन दे रहे हो। ये देखिएजो गलत है मगर मान लीजिए अगर जो जेटली जी कह रहे हैं कि दाम घटा तो प्रधानमंत्री जी 126 क्यों नहीं खरीदे? 126 क्या उससे ज्यादा क्यों नहीं खरीदे? पहला सवालपहला प्वाइंट ये है। मुख्य मुद्दा ये है कि आप अगर राफेल मामले को देखें तो सरकार की डिफेंस में कंसीस्टेंसी नहीं है। कहते हैं कि भईयादाम नहीं बताया जा सकता है फिर आज आपने हमने आपके लिए अरुण जेटली जी की क्लिप प्ले की और आपने दाम बता दिया।


लोक सभा में दाम बता दिया। सीतारमण जी कहती हैंपहले दाम नहीं बताया जा सकता फिर कहती हैंबताऊँगीफिर कहती हैंनहीं बताऊँगी। पर्रिकर जी कहते हैंभईया I was not involved in the Contract. अब टेप निकलती हैगोवा की कैबिनेट में डिस्कशन हो रहा है कि भईयापर्रिकर जी धमकी दे रहे हैं। तो मामला कंसीस्टेंसी का है।


एक अन्य प्रश्न पर कि श्री जेटली ने कहा कि आपको कॉम्बैट एयरक्राफ्ट के बारे में नहीं पता जबकि आपके बारे में लिखा गया है कि आप पायलट हैं, इसके उत्तर में श्री गांधी ने कहा कि हाँहूँ , License is not current but I am a Pilot. 

Shri Rahul Gandhi also stated that I would very much like to debate the Prime Minister one on one on Rafale- on anything about combat aircraft, any strategic issue, I would like to discuss one on one basis, just give me twenty minutes with the Prime Minister, debate one on one on Rafale and then you decide what is what. But the Prime Minister does not have the guts. Forget, he does not have the guts to come and sit in front of you. I am coming here; you can ask me any questionआप मुझसे कोई भी सवाल पूछ सकते हैं। मैं आपके पास आता हूँहर 7- 10 दिन बाद आता हूँआपको खुशी होती है कि भईया हम खुलकर सवाल पूछ सकते हैं। 


राफेल मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से संबंधित एक अन्य प्रश्न के उत्तर में श्री गांधी ने कहा कि नहीं सुप्रीम कोर्ट का फैसला बिल्कुल क्लीयर है। this is not our jurisdiction to investigate. सुप्रीम कोर्ट ने क्लीयरली कहा है कि भईया देखिए ये हमारा ज्यूरिस्डिक्शन नहीं हैसुप्रीम कोर्ट ने ये नहीं कहा है कि इंवेस्टीगेशन नहीं होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी नहीं कहा है कि जेपीसी नहीं होनी चाहिए और सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट में हमने भी एक मुद्दा उठाया कि सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट में साफ लिखा हुआ था कि CAG report has come. खड़गे जी यहाँ आएखड़गे जी ने कहा भईयाCAG report has not come. So, there are the issues with the judgment and the Supreme Court is not saying that there is no corruption in Rafale. सुप्रीम कोर्ट ये नहीं कह रहा है कि राफेल में करप्शन नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ये भी नहीं कह रहा है कि राफेल पर इंवेस्टीगेशन नहीं होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट सिर्फ ये कह रहा है कि हमारे ज्यूरिस्डिक्शन में इंवेस्टीगेशन करना नहीं है।


On a question related to playing of audio tape in the Parliament Shri Gandhi said- well, first of all I asked the speaker can I play the tape. The Speaker refused to allow me to play the tape. So, then the question of authenticity of the tape over there is mute because if I play the tape then the question of authenticity arises however the Congress Party has played the tape, the Congress party is made the tape available. I read from a part of transcript and the tape is authentic. There might be other tapes. There might be many other tapes of that nature doing rounds. I don’t know, I have no idea, there might be.    


On a question that Mr. Parrikar has denied that he said so in the Cabinet meeting, Shri Gandhi said- Do you think Mr. Parrikar will not deny? I mean, if you are Vishwajit Rane would you not deny it?


Sd/-

(Vineet Punia)

Secretary

Communication Deptt. 

AICC


Speech Document