Congress Gave Me Wings To Fly

Congress Gave Me Wings To Fly Thu, 25 Jul 2019

कांग्रेस ने मुझे उड़ान भरने के लिए पंख दिए

राम्या हरिदास

दैनिक मजदूरी करने वाले हरिदास एवं राधा की पुत्री राम्या राजनीति में राहुल गांधी के प्रतिभा खोज कार्यक्रम की देन हैं। 

32 वर्षीया राम्या हरिदास केरल से चुनाव जीतकर आई एक दलित सांसद हैं। वह बड़ी व्यग्रता के साथ संसद के प्रथम 

अधिवेषन की राह देख रही थी जो 17 जून को शुरू हो चुका है। 48 वर्षों के अंतराल पर केरल से जीतकर आने वाली यह दूसरी दलित महिला सांसद हैं। यह इसलिए बहुचर्चित है क्योंकि दो बार से सांसद रहे माक्र्सवादी कम्युनिष्ट पार्टी के पी.के. बीजू को 1 लाख 59 हजार मतों के अंतर से अलाथुर आरक्षित संसदीय सीट से हरा कर आई है। 

राम्या के लिए यह जीत विषेष महत्व की है क्योंकि राजनीतिक 

प्रतिद्वन्द्वियों ने चुनाव प्रचार के दौरान उन पर सेक्स संबंधी तथा अन्य प्रकार के आरोप लगाए थे। दैनिक मजदूर हरिदास एवं राधा की पुत्री राम्या राहुल गांधी के प्रतिभा खोज कार्यक्रम की राजनीति में देन है। ये बातें राम्या ने ‘‘आउटलुक’’ को एक भेंटवर्ता में कही है। 

एक दलित सांसद के रूप में आपकी तात्कालिक प्राथमिकताएं क्या हैं?

मेरे चुनाव क्षेत्र अलाथुर में दलितों की भारी संख्या में बस्तियां हैं और वे बुरी हालत में हैं। मेरी कोषिष अपने क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की होगी जिनमें अधिसंख्य दैनिक मजदूरी करने वाले श्रमिक रहते हैं। एक महिला के नाते मेरी जिम्मेवारी है कि दलित महिलाओं के मुद्दों पर ध्यान दूं। 

आपने ब्लाॅक पंचायत अध्यक्ष से लेकर सांसद बनने तक की लम्बी यात्रा तय की है। क्या यह जिम्मेवारी आप पर हावी है? संसद के प्रथम अधिवेषन में हिस्सा लेने के प्रति आप कितनी उत्साहित हैं? 

हालांकि छात्र नेता के रूप में मैं कई बार संसद में आ चुकी हूं- मैंने कभी उम्मीद नहीं की थी कि मैं सांसद बन जाऊंगी। मैं अनेक छात्रों तथा ब्लाॅक पंचायत संदस्यों को संसद एवं इसकी कार्यवाहियां देखने के लिए पहले भी ला चुकी हूं। मैं छात्रों के लिए अनेक माॅडल संसद सत्र आयोजित कर चुकी हूं। इसलिए मैं इसे पार्टी की तरफ से एक महान् जिम्मेवारी एवं मान्यता मानती हूं। मैं जनतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बनने पर काफी खुष एवं गौरवान्वित हूं। 

लोक सभा चुनाव के बाद कांग्रेस गहरे संकट में है। क्या 52 सदस्यों के साथ पार्टी संसद में सही आवाज उठा सकेगी? 

मैं कांग्रेस का हिस्सा बनने पर खुष हूं, जिसने देष में अनेक सुधार कार्य किए हंै। हम लोग पार्टी के ऋणी हैं क्योंकि इसने स्वाधीनता संग्राम का नेतृत्व किया है और अब यह धर्मनिरपेक्ष जनतंत्र की रक्षा के लिए बड़ा संघर्ष कर रही है। कांग्रेस ने त्रि-स्तरीय पंचायत प्रणाली लागू की है, जो एक क्रांतिकारी कदम है। ऐसे लाखों लोग हैं जो चाहते हैं कि कांग्रेस सŸाा में वापसी करे। मैं आष्वस्त हूं कि राहुल गांधी कांग्रेस का नेतृत्व करेंगे और इसकी पिछली गरिमा बहाल करेंगे। जैसा कि गांधी ने कहा है, हम लोग भाजपा को संसद में विचलित करने के लिए पर्याप्त हैं। 

क्या पार्टी निम्न वर्गीय समुदाय की महिलाओं को विकास करने के लिए प्रोत्साहित करेगी? क्या एक महिला एवं दलित होने के नाते आपको किसी प्रकार के भेदभाव की स्थिति का सामना करना पड़ा है? 

राजनीति में मेरा प्रवेष ‘‘प्रतिभा खोज’’ कार्यक्रम के दौरान हुआ जो 2010 में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आयोजित किया था। बाद में मैं कोझीकोड जिले की कुण्णामंगलम नगरपालिका में ब्लाॅक पंचायत अध्यक्ष बनी। पार्टी ने मेरी बड़ी मदद की। ऐसे अनेक वरिष्ठ नेता थे, जिन्हें वे अलाथुर में उम्मीदवार बना सकते थे, परन्तु पार्टी ने मेरा चयन किया जो एक बड़ी मान्यता है। पार्टी ने मुझे उड़ान भरने के पंख दिए। 

दलित समुदाय के खिलाफ हमलों के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इस समुदाय के लिए कौन से प्रमुख मुद्दे हैं जिन पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है? 

यह दुःखद है कि डा. पायल तडवी ने इसलिए आत्महत्या कर ली क्योंकि वह छोटी जाति की थी। केन्द्र में भाजपा सरकार बनने के बाद दलितों के खिलाफ अत्याचार बढ़े हैं। दलित समुदाय को अपने अधिकारों की जानकारी नहीं है और उनकी जानकारी का स्तर कम है। मैंने काफी समय तक एससी/एसटी प्रोजेक्ट में काम किया है और मैंने महसूस किया है कि एससी/एसटी विभाग सही ढंग से काम नहीं कर रहे हैं। हमें इन निकायों के उचित कार्यकलापों पर ध्यान केन्द्रित करने की जरूरत है। हमें उन्हें मुख्यधारा में लाने की जरूरत है और उन्हें षिक्षा के महत्व से अवगत कराना है। मैं समझती हूं कि केरल की स्थिति उŸार भारत के राज्यों की स्थिति से भिन्न है, क्योंकि वहां षिक्षा एवं जागरूकता ज्यादा है। 

आप साबरीमाला संबंधी कांग्रेस के रूख का समर्थन करती हैं जो मंदिर में महिलाओं के प्रवेष से रोक से संबंधित है। क्या यह सर्वोच्च न्यायालय के फैसले एवं महिलाओं के खिलाफ नहीं है? 

मैं नहीं समझती कि यह लिंग असमानता का मामला है। मेरा विष्वास है और मैं महसूस करती हूं कि 10 से 50 वर्ष के बीच की महिलाओं को उस मंदिर में प्रवेष नहीं करना चाहिए। मैं परंपरा भंग करना नहीं चाहती और मैं प्रतीक्षा करने के लिए तैयार हूं। 

परन्तु मंदिर प्रवेष आंदोलन का केरल की ऊंची जाति के लोगों द्वारा भारी प्रतिरोध हो रहा है। आप उसका बचाव कैसे करेंगी? 

यह भिन्न मुद्दा है। कांग्रेस ने 1920 और 30 के दषक में आंदोलन चलाया था। यह आंदोलन वैकम सत्याग्रह एवं गुरूवायुर सत्याग्रह के नाम से चलाया गया था। यह पार्टी अन्य समाज सुधार के आंदोलनों में भी अग्रिम मोर्चों पर रही है। गांधी एवं अन्य कांग्रेसी नेता इस जातिगत दमन के खिलाफ लड़ाई लड़ चुके हैं। 

चुनाव अभियान के दौरान आपके खिलाफ सेक्स संबंधी टिपणियां तथा गाली-गलौज का इस्तेमाल हुआ है। क्या यह जातिगत भेद-भाव का मामला नहीं है? 

चुनाव अभियान के दौरान मुझे काफी गाली-गलौज दी गई। परन्तु, मेरे चुनाव क्षेत्र की महिलाओं ने मेरे प्रति एकजुटता दिखाई और वे शक्ति बनकर मेरे साथ खड़ी रही। महिलाओं ने चाहा कि मैं संघर्ष जारी रखूं और उसके फलस्वरूप आज मैं यहां हूं। राज्य महिला आयोग ने कार्रवाई की है। अब यह मामला अदालत में विचाराधीन है। मुझे उम्मीद है कि अदालत से न्याय मिलेगा। 

चुनाव अभियान के दौरान आप के गाने के कौषल की बड़ी चर्चा रही। इससे भी आपके विरोधियों ने गलत टिप्पणियां की। क्या इसने आपकी जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई? 

संगीत सारे चुनाव अभियान के अभिन्न हिस्सा रहा है। अधिकतर राजनीतिक दलों ने रिकाॅर्ड किए गए गानों का उपयोग किया है। यद्यपि गाने के बारे में मुझे कम ज्ञान है, लोगों ने जो कुछ कहा, मैंने गा दिया। यह बात नहीं है कि चुनाव जीतने के लिए मैंने गाने के कौषल का उपयोग किया है। ❰❰

साभारः आउटलुक

48 वर्षों बाद केरल की द्वितीय दलित महिला सांसद बनी राम्या हरिदास

Volunteer with us
Follow us fb