NIRMAL BHARAT ABHIYAN: EVERYTHING YOU NEED TO KNOW ABOUT NIRMAL BHARAT ABHIYAN

NIRMAL BHARAT ABHIYAN: EVERYTHING YOU NEED TO KNOW ABOUT NIRMAL BHARAT ABHIYAN Mon, 29 Oct 2018

निर्मल भारत अभियान: आपके लिये जरुरी हर जानकारी

निर्मल भारत अभियान की पृष्ठभूमि

1999 में तत्कालीन सरकार द्वारा निर्मल भारत अभियान शुरू किया गया था। निर्मल भारत अभियान को संपूर्ण स्वच्छता अभियान के नाम से भी जाना जाता था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता की स्थिति में सुधार करना था। इसके तहत व्यक्तिगत साफ-सफाई, घरेलू स्वच्छता, स्वच्छ पेयजल, कूड़ा करकट निपटान, मलमूत्र निपटान और अपशिष्ट जल के निपटान को शामिल करने के लिए स्वच्छता की अवधारणा का विस्तार किया गया। निर्मल भारत योजना का मुख्यतः लोगों में जागरूकता पैदा करने और स्वच्छता सुविधाओं की मांग पैदा करने पर केन्द्रित थी। निर्मल भारत योजना के तहत न केवल घर, बल्कि गांव, स्कूल और समुदायिक केन्द्र तथा आंगनवाड़ी केंद्र भी आते हैं। इस कार्यक्रम के कार्यान्वयन में विभिन्न स्थानीय सामाजिक आंदोलनों के माध्यम से पंचायती राज संस्थानों का सहयोग भी शामिल है।

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निर्मल भारत अभियान देश के लिए महत्वपूर्ण क्यों है?

निर्मल भारत अभियान देश के लिये इस कारण बेहद जरुरी है क्योंकि इसके जरिये उचित स्वच्छता और अपशिष्ट निपटान के तौर-तरीकों के संबंध में भारत की ग्रामीण आबादी के बीच जागरूकता पैदा की जाती है। गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले (बीपीएल) तथा गरीबी रेखा से ऊपर (एपीएल) के तहत वर्गीकृत लोगों के लिए खुले में शौच को ‘नहीं’ कहना और मानव अपशिष्ट प्रबंधन की स्वच्छ और सुरक्षित प्रक्रिया के तरह व्यक्तिगत पारिवारिक शौचालय (आईएचएचएल) के निर्माण को प्राथमिकता दी जाती है। ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत क्रियाकलाप शुरू करने के अलावा विद्यालय शौचालय इकाइयों, ऑगनवाड़ी शौचालय और सामुदायिक स्वच्छता परिसरों के निर्माण के लिए भी सहायता का विस्तार किया गया। यह योजना ग्रामीण इलाकों के सभी लोगों के लिए उन्नत स्वच्छता सुविधाओं को लागू करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसलिए, अपशिष्ट की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के अलावा ग्रामीण आबादी में सुधार के साथ-साथ जागरूकता भी बढ़ी है, जिससे सीधे तौर पर देश को बेहतर फायदा होगा।


निर्मल भारत अभियान के उद्देश्य

  • ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य जीवन स्तर में सुधार करना।
  • देश में सभी ग्राम पंचायतों द्वारा निर्मल स्थिति प्राप्त करने के साथ 2022 तक निर्मल भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिये स्वच्छता कवरेज में तेजी लाना।
  • जागरुकता सृजन और स्वास्थ्य शिक्षा के माध्यम से स्थायी स्वच्छता सुविधाओं को बढ़ावा देने वाले समुदायों और पंचायती राज संस्थाओं को प्रोत्साहित करना।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में सर्व शिक्षा अभियान के तहत शामिल न किये गये विद्यालयों और आंगनवाड़ी केन्द्रो को समुचित स्वच्छता सुविधाओं के साथ कवर करना और छात्रों के बीच स्वास्थ्य शिक्षा और साफ-सफाई की आदतों को बढ़ावा देना
  • पारिस्थितिकीय रूप से सुरक्षित और स्थायी स्वच्छता के लिये किफायती तथा उपयुक्त प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देना।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में संपूर्ण स्वच्छता के लिये ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष ध्यान देते हुए, समुदाय प्रबंधित पर्यावरणीय स्वच्छता पद्धति विकसित करना।


निर्मल भारत अभियान का नाम बदलकर एनडीए सरकार ने स्वच्छ भारत अभियान किया

मोदी जी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार ने निर्मल भारत अभियान का नाम बदलकर स्वच्छ भारत अभियान कर दिया और इसे अपनी नयी योजना के तौर पर दिखाने की भरसक कोशिश की। निर्मल भारत अभियान के उद्देश्यों में कुछ चीजों को जोड़कर इसे स्वच्छ भारत अभियान का नाम दिया गया और इसमें देश के शहरों, कस्बों की सड़कों, बुनियादी ढांचे की साफ-सफाई को भी शामिल किया गया। मोदी सरकार के कई आलोचकों ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान पहले से चल रहे निर्मल भारत अभियान के नाम में बदलाव के अलावा कुछ भी नहीं है ताकि, निर्मल भारत अभियान के तहत पिछले कुछ सालों में हासिल की गयी सफलता को अपने खाते में दर्शाया जा सके। आलोचकों यह भी जोड़ा कि यह केवल नाम बदलने की प्रक्रिया है इसी प्रकार यूपीए सरकार के कौशल विकास मिशन, वित्तीय समावेशन का भी नाम बदलकर भाजपा सरकार ने स्किल इंडिया और जन-धन योजना कर दिया। निर्मल भारत अभियान के नाम बदलने के पीछे एक कारण यह भी बताया गया है कि मोदी की सरकार ने देश के नागरिकों पर स्वच्छ भारत के नाम पर टैक्स थोपने के लिये इसका नाम बदला था।

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